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Showing posts from April, 2021

cure for all disease || मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् || Mritasanjeevani Stotram

cure for all disease || मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् || Mritasanjeevani Stotram Photo by  Sandeep Singh  from  Pexels मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् एवमारध्य गौरीशं देवं मृत्युञ्जयमेश्वरं ।मृतसञ्जीवनं नाम्ना कवचं प्रजपेत् सदा  ॥1॥ मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् हिन्दी में पहला श्लोक गौरी पति,मृत्यु को जीतने वाले  भगवान शंकर कि अराधना कर के, मृतसंजीवनी नाम के कवच का नित्य पाठ करना चाहिए॥1॥ सारात् सारतरं पुण्यं गुह्याद्गुह्यतरं शुभं । महादेवस्य कवचं मृतसञ्जीवनामकं ॥ 2॥  मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् हिन्दी में  दूसरा श्लोक महादेव शंकर जी का मृतसञ्जीवन नाम का कवच सार का भी सार,पुण्य देने वाला ,गुप्त से भी गुप्त और शुभ फल प्रदान करने वाला है ॥2॥ समाहितमना भूत्वा शृणुष्व कवचं शुभं । शृत्वैतद्दिव्य कवचं रहस्यं कुरु सर्वदा ॥3॥ मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् हिन्दी में तीसरा श्लोक इस शुभ कवच को एकाग्रचित होकर सुनना चाहिए | इस दिव्य कवच को सुनने मात्र से रहस्य उजागर होते हैं ॥3॥ वराभयकरो यज्वा सर्वदेवनिषेवितः । मृत्युञ्जयो महादेवः प्राच्यां मां पातु सर्वदा ॥4॥ मृतसञ्जीवन स्तोत्रम् हिन्दी में चौथा श्लोक जो अभय दान देने वाले हैं,सभी देवताओं द

Surya Namaskaar and its benefits || origin of soorya namaskaar

 Surya Namaskaar and its benefits || Origin of Soorya Namaskaar Photo by  Elly Fairytale  from  Pexels Meaning of Sun Salutation or Surya Namaskaar Soorya stands for God Sun Namaskaar stands for Salute or praise So surya Namaskaar jointly means Praise of God Sun or Salutation to God Sun. As we all know that in Hindu religion Sun is called God and they like to pray God Sun in the dawn by offering water and flowers. This ritule is happening since centuries. It is said that  Sun Salutation or Surya Namaskaar was invented by raja of Aundh      ( Now a part of Maharastra) सूर्य नमस्कार और इसके फायदे | सूर्य नमस्कार की उत्पत्ति  सूर्य नमस्कार  का अर्थ   सूर्य का अर्थ है भगवान सूर्य  नमस्कार प्रणाम या प्रशंसा के लिए उपयोग किया गया है, तो सूर्य नमस्कार का अर्थ संयुक्त रूप से भगवान सूर्य की स्तुति या भगवान सूर्य को नमस्कार है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हिन्दू धर्म में सूर्य को भगवान कहा जाता है और वे सुबह-सुबह भगवान सूर्य को जल और फूल अर्पित करना पसंद करते हैं। यह संस्कार सदियों से हो रहा है।

Benefits of Vajrasana|| बज्रासन के लाभ

Benefits of Vajrasana|| बज्रासन के लाभ Photo by cottonbro from Pexels 1. Increase in Digestion. 2. Increase of apipetite. 3. Improvement in Blood corculation. 4. Improvent in diseases of parts of body below stomach. 5. Increase in flexibality of joints. 6. Increase in strength of muscles. बज्रासन के लाभ 1. पाचन में वृद्धि। 2. भूख की वृद्धि। 3. रक्त वाहिका में सुधार। 4. पेट के नीचे के कुछ हिस्सों के रोगों में सुधार। 5. जोड़ों के लचीलेपन में वृद्धि। 6. मांसपेशियों की ताकत में वृद्धि। अन्य पढ़ें  सूर्यनमस्कार  सुप्तवज्रासन 

शुद्ध शिलाजीत कि पहचान कैसे करें ||How to identify original Shilajit

 शुद्ध शिलाजीत कि पहचान कैसे करें || How to identify original Shilajit 1. Photo by  Mareefe  from  Pexels Shilajit  dissolves in water but does not dissolves in alcohol. शिलाजीत पानी में घुल जाती है और दारू में नही घुलती 2. Photo by  Elijah O'Donnell  from  Pexels Shilajit is bitter and astringent when tasted,dissloves in mouth completely without leaving any residue. शिलाजीत स्वाद में कड़वी और कसैली होती है और मुँह में बिना कोई अवषेश छोड़े घुल जाती है | 3. Shilajit changes its shape and state as per room temperature. शिलाजीत तापमान के मुताबिक आकार और अवस्था बदलती है| 4. Shilajit risen up like a mountain during burning and does not give any smoke. शिलाजीत जलाने पर धूआँ नहीं देती और पहाड़ कि तरह ऊपर कि ओर उठती है |

10 प्रकार कि बिमारियाँ ठीक कर सकता है यह पौधा || Ratanjot Ke Fayade || Ratanjot Ke Labh

  10 प्रकार कि बिमारियाँ ठीक कर सकता है यह पौधा || Ratanjot Ke Fayade || Ratanjot Ke Labh रत्नजोत | ratanjot स्थानीय नाम   रत्नजोत ,बैम्वलम्बपटै (तमिल ), अल्कानेट (अंग्रेजी ) वानस्पतिक नाम    अलकन्ना तिनकोरिया  रत्नजोत कि पहचान   1.     ऱत्नजोत में तुरही के आकार के नीले या बैंगनी फूल लगते हैं | 2.     यह पौधा 0.3 से 0.6 मीटर तक लम्बा हो सकता है | 3.     पौधे के पत्तों पर छिटपुट सफेद बाल होते हैं | 4.     इस पौधे में जून से जुलाई तक फूल लगते हैं | 5.     रत्नजोत कि जड़ से लाल रंग का पदार्थ निकलता है जो दवाईयों से लेकर ,अन्य कई कामों में लिया जाता है | प्रयोग 1.     रत्नजोत को खाने व पीने कि चीजों को रंग देने के काम लिया जाता है | 2.     दवाईयों ,तेलों और शराब में रत्नजोत को काम में लिया जाता है | 3.     कपड़े रंगने में भी रत्नजोत काम आती है | 4.     सफेद बाल,चमड़ी ,हृदय तथा पत्थरी रोग में भी रत्नजोत को काम में लिया जाता है | 5.     रत्नजोत हड्डियों और मासपेशियों को मजबूती देती है | This plant can cure 10 types of diseases || Ratnjot  Local names   Ratnjot, Baimvalambapatai (Tamil), Alka