Thursday, July 15, 2021

Kakadsingi || Herbal Remedy for cough,Asthma and fever || काकड़सिंगी कि पहचान

 Kakadsingi || Herbal Remedy for cough,Asthma and fever || काकड़सिंगी कि पहचान 



Botonical Name 

 Pistacia Integerrima J L stewart ex Brandis


Common Name

Zebrawood,Kakra,Kakri,  Kangar, crab's claw,srngi, visani,karkata (sanskrit)


Recognisation

1.It is a decisuous tree.

2.Pistacia Integerrima can grow up to the height of 19mtrs.

3.Bark of Pistacia Integerrima tree is blackish in colour and having fragrance.

4.Leaves of Pistacia Integerrima tree can be upto 12cm long.

5.Fruits of Pistacia Integerrima tree are spherical in shape.

6.Leaves of Pistacia Integerrima tree are having galls which are formed by insects on the tree.

7.In the timespan galls became hollow,thinwalled cylindrical in shape .

8.The colour of galls is greyish brown from outside and raddish brown from inside.

9.Galls contain many dead insects inside.

10.Taste of galls is slightly astringend and bitter.


Uses

1.Galls of Pistacia Integerrima tree are used in the treatment of diarrhoea, dysentery, anorexia,cough, fever and asthma.

2.Galls of Pistacia Integerrima tree is good for strengthining gums.

3.Galls of Pistacia Integerrima tree is having wounds healing property.

4. Gall of Pistacia Integerrima tree can be used to cure tuberculosis.


काकड़सिंगी || खांसी, दमा और बुखार के लिए हर्बल उपचार



 वानस्पतिक नाम

 पिस्तासिया इंटेगेरिमा जे एल स्टीवर्ट एक्स ब्रैंडिस 


सामान्य नाम

 ज़ेब्रावुड, काकरा, काकरी, कांगर, केकड़ा का पंजा , श्रृंगी, विसानी, करकट (संस्कृत)


 पहचान

1.यह एक पर्णपाती वृक्ष है।

2.पिस्ता इंटेगेरिमा 19 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ सकता है। 3. पिस्ता इंटेगेरिमा के पेड़ की छाल काले रंग की और सुगंध वाली होती है। 

4.पिस्ता इंटेगेरिमा के पेड़ की पत्तियाँ 12 सेमी तक लंबी हो सकती हैं। 

5.पिस्ता इंटेगेरिमा पेड़ के फल गोलाकार होते हैं। 

6.पिस्ता इंटेगेरिमा पेड़ की पत्तियों में गॉल होते हैं जो पेड़ पर कीड़ों द्वारा बनते हैं। 

7.कालांतर में गॉल खोखले, पतली दीवार वाले बेलनाकार आकार के हो जाते हैं। 

8.गॉलों का रंग बाहर से भूरा-भूरा और अंदर से मूली-भूरा होता है। 

9.गॉलों के अंदर कई मरे हुए कीड़े होते हैं। 

10.गॉलों का स्वाद थोड़ा कसैला और कड़वा होता है।


 उपयोग

1.पिस्ता इंटेगेरिमा के पेड़ का उपयोग दस्त, पेचिश, एनोरेक्सिया, खांसी, बुखार और अस्थमा के उपचार में किया जाता है।

2.मसूढ़ों को मजबूत बनाने के लिए पिस्ता इंटेगेरिमा के पेड़ के गॉल अच्छे होते हैं। 

3.पिस्ता इंटेगेरिमा के पेड़ में घाव भरने के गुण होते हैं। 

4.पिस्ता इंटेगेरिमा के पेड़ का उपयोग तपेदिक को ठीक करने के लिए किया जा सकता है।


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